VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-11-13

गुवाहाटी पंचांग — 13 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, मूल नक्षत्र · शुक्रवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 08:43 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 05:17 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 05:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 07:24 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:40 AM
सूर्यास्त04:35 PM
चन्द्रोदय09:14 AM
चन्द्रास्त07:29 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:45 AM – 11:29 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:04 AM – 04:52 AM
अमृत काल09:44 AM – 11:33 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:45 AM – 11:07 AM
गुलिक काल07:01 AM – 08:23 AM
यमगण्ड01:51 PM – 03:13 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:02 AM – 10:45 AM
दुर्मुहूर्त12:56 PM – 01:40 PM

दिन चौघड़िया

चर05:40 AM – 07:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:01 AM – 08:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:23 AM – 09:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:45 AM – 11:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:07 AM – 12:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:29 PM – 01:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:51 PM – 03:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:13 PM – 04:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:35 PM – 06:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:13 PM – 07:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:51 PM – 09:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:29 PM – 11:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:07 PM – 12:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:45 AM – 02:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:23 AM – 04:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:01 AM – 05:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle