VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-12-02

गुवाहाटी पंचांग — 2 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · बुधवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 10:52 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 08:55 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 10:31 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 10:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:54 AM
सूर्यास्त04:31 PM
चन्द्रोदय12:39 AM
चन्द्रास्त12:05 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:18 AM – 05:06 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:12 AM – 12:32 PM
गुलिक काल09:52 AM – 11:12 AM
यमगण्ड07:13 AM – 08:33 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त10:51 AM – 11:33 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:43 AM – 09:26 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:54 AM – 07:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:13 AM – 08:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:33 AM – 09:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:52 AM – 11:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:12 AM – 12:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:32 PM – 01:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:51 PM – 03:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:11 PM – 04:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग04:31 PM – 06:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:11 PM – 07:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:51 PM – 09:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:32 PM – 11:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:12 PM – 12:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:52 AM – 02:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:33 AM – 04:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:13 AM – 05:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle