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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-01-12

गुवाहाटी पंचांग — 12 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · मङ्गलवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 11:29 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 08:14 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्यतीपाततक 05:57 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 11:29 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त04:51 PM
चन्द्रोदय08:53 AM
चन्द्रास्त08:43 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:10 AM – 11:52 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल12:33 PM – 02:18 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:11 PM – 03:31 PM
गुलिक काल11:31 AM – 12:51 PM
यमगण्ड08:51 AM – 10:11 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:27 AM – 11:10 AM
दुर्मुहूर्त01:18 PM – 02:00 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:12 AM – 07:31 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:31 AM – 08:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:51 AM – 10:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:11 AM – 11:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:31 AM – 12:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:51 PM – 02:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:11 PM – 03:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:31 PM – 04:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:51 PM – 06:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:31 PM – 08:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:11 PM – 09:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:51 PM – 11:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:31 PM – 01:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:11 AM – 02:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:51 AM – 04:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:31 AM – 06:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle