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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-01-16

गुवाहाटी पंचांग — 16 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · शनिवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 01:43 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 11:39 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धतक 02:38 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:43 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त04:54 PM
चन्द्रोदय10:59 AM
चन्द्रास्त12:29 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:11 AM – 11:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल04:44 PM – 06:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:52 AM – 10:12 AM
गुलिक काल06:12 AM – 07:32 AM
यमगण्ड12:53 PM – 02:13 PM
वर्ज्यम्07:54 PM – 09:28 PM
दुर्मुहूर्त09:03 AM – 09:46 AM
दुर्मुहूर्त01:20 PM – 02:02 PM

दिन चौघड़िया

काल06:12 AM – 07:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:32 AM – 08:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 AM – 10:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:12 AM – 11:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 AM – 12:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:53 PM – 02:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:13 PM – 03:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:33 PM – 04:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ04:54 PM – 06:33 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:33 PM – 08:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:13 PM – 09:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:53 PM – 11:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:33 PM – 01:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:12 AM – 02:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:52 AM – 04:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:32 AM – 06:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle