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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-03-19

गुवाहाटी पंचांग — 19 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · शुक्रवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 11:17 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 1तक 01:31 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 11:19 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 12:34 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:29 AM
सूर्यास्त05:34 PM
चन्द्रोदय02:30 PM
चन्द्रास्त03:05 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:07 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:53 AM – 04:41 AM
अमृत काल11:32 PM – 01:00 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:00 AM – 11:31 AM
गुलिक काल06:59 AM – 08:30 AM
यमगण्ड02:32 PM – 04:03 PM
वर्ज्यम्02:39 PM – 04:08 PM
दुर्मुहूर्त10:19 AM – 11:07 AM
दुर्मुहूर्त01:32 PM – 02:20 PM

दिन चौघड़िया

चर05:29 AM – 06:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:59 AM – 08:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:30 AM – 10:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:00 AM – 11:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:31 AM – 01:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:02 PM – 02:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:32 PM – 04:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:03 PM – 05:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:34 PM – 07:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:03 PM – 08:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:32 PM – 10:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:02 PM – 11:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:31 PM – 01:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:00 AM – 02:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:30 AM – 03:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:59 AM – 05:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle