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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-03-23

गुवाहाटी पंचांग — 23 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, हस्त नक्षत्र · मङ्गलवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 02:28 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रहस्त · पाद 2तक 07:49 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवृद्धितक 11:27 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 02:28 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त05:36 PM
चन्द्रोदय06:41 PM
चन्द्रास्त05:31 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:05 AM – 11:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:48 AM – 04:36 AM
अमृत काल01:26 PM – 02:59 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:33 PM – 04:04 PM
गुलिक काल11:30 AM – 01:01 PM
यमगण्ड08:27 AM – 09:58 AM
वर्ज्यम्04:33 AM – 06:06 AM
दुर्मुहूर्त10:16 AM – 11:05 AM
दुर्मुहूर्त01:32 PM – 02:20 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:24 AM – 06:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:55 AM – 08:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:27 AM – 09:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:58 AM – 11:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:30 AM – 01:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:01 PM – 02:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:33 PM – 04:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:04 PM – 05:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:36 PM – 07:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:04 PM – 08:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:33 PM – 10:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:01 PM – 11:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:30 PM – 12:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:58 AM – 02:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:27 AM – 03:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:55 AM – 05:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle