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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-05-27

गुवाहाटी पंचांग — 27 मई 2027

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 06:26 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 07:14 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगइन्द्रतक 02:58 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 05:18 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:32 AM
सूर्यास्त06:09 PM
चन्द्रोदय11:25 PM
चन्द्रास्त10:03 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:53 AM – 11:47 AM
ब्रह्म मुहूर्त02:56 AM – 03:44 AM
अमृत काल06:07 PM – 07:54 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:02 PM – 02:44 PM
गुलिक काल07:56 AM – 09:38 AM
यमगण्ड04:32 AM – 06:14 AM
वर्ज्यम्07:21 AM – 09:08 AM
दुर्मुहूर्त12:42 PM – 01:36 PM
दुर्मुहूर्त04:20 PM – 05:14 PM

दिन चौघड़िया

शुभ04:32 AM – 06:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:14 AM – 07:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:56 AM – 09:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:38 AM – 11:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:20 AM – 01:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:02 PM – 02:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:44 PM – 04:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:26 PM – 06:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:09 PM – 07:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:26 PM – 08:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:44 PM – 10:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:02 PM – 11:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:20 PM – 12:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:38 AM – 01:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:56 AM – 03:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:14 AM – 04:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle