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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-06-21

गुवाहाटी पंचांग — 21 जून 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 10:35 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 08:08 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगब्रह्मतक 07:51 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:31 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय08:17 PM
चन्द्रास्त06:07 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त02:55 AM – 03:43 AM
अमृत काल11:26 PM – 01:14 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:14 AM – 07:57 AM
गुलिक काल01:07 PM – 02:51 PM
यमगण्ड09:41 AM – 11:24 AM
वर्ज्यम्12:36 PM – 02:24 PM
अभिजित मुहूर्त10:56 AM – 11:52 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:37 PM – 03:32 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:31 AM – 06:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:14 AM – 07:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:57 AM – 09:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:41 AM – 11:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:24 AM – 01:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:07 PM – 02:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:51 PM – 04:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:34 PM – 06:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:18 PM – 07:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:34 PM – 08:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:51 PM – 10:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:07 PM – 11:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:24 PM – 12:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:41 AM – 01:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 AM – 03:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:14 AM – 04:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle