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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-07-19

गुवाहाटी पंचांग — 19 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 11:48 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 02:23 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगविष्कुम्भतक 04:26 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 10:31 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:42 AM
सूर्यास्त06:17 PM
चन्द्रोदय06:54 PM
चन्द्रास्त04:56 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:06 AM – 03:54 AM
अमृत काल05:51 AM – 07:40 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:23 AM – 08:05 AM
गुलिक काल01:11 PM – 02:53 PM
यमगण्ड09:47 AM – 11:29 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:02 AM – 11:56 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:34 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:42 AM – 06:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:23 AM – 08:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:05 AM – 09:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:47 AM – 11:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:29 AM – 01:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:11 PM – 02:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:53 PM – 04:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:35 PM – 06:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:17 PM – 07:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:35 PM – 08:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:53 PM – 10:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:11 PM – 11:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:29 PM – 12:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:47 AM – 02:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 AM – 03:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:23 AM – 04:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle