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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-08-29

गुवाहाटी पंचांग — 29 अगस्त 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · रविवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 09:36 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 4तक 06:17 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्यतीपाततक 09:28 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 09:36 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:01 AM
सूर्यास्त05:47 PM
चन्द्रोदय02:02 AM
चन्द्रास्त03:54 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:58 AM – 11:49 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:25 AM – 04:13 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:11 PM – 05:47 PM
गुलिक काल02:35 PM – 04:11 PM
यमगण्ड11:24 AM – 12:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:04 PM – 04:55 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:01 AM – 06:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:36 AM – 08:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:12 AM – 09:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:48 AM – 11:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:24 AM – 12:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:59 PM – 02:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:35 PM – 04:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:11 PM – 05:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:47 PM – 07:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:11 PM – 08:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:35 PM – 09:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:59 PM – 11:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:24 PM – 12:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:48 AM – 02:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:12 AM – 03:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:36 AM – 05:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle