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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-09-12

गुवाहाटी पंचांग — 12 सितम्बर 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · रविवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 10:13 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रश्रवण · पाद 1तक 06:05 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशोभनतक 06:43 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 08:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:07 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चन्द्रोदय03:30 PM
चन्द्रास्त01:39 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:54 AM – 11:43 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:31 AM – 04:19 AM
अमृत काल05:27 PM – 07:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:58 PM – 05:31 PM
गुलिक काल02:25 PM – 03:58 PM
यमगण्ड11:19 AM – 12:52 PM
वर्ज्यम्06:37 AM – 08:25 AM
दुर्मुहूर्त03:51 PM – 04:41 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:07 AM – 06:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:40 AM – 08:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:13 AM – 09:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:46 AM – 11:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:19 AM – 12:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:52 PM – 02:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:25 PM – 03:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:58 PM – 05:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:31 PM – 06:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:58 PM – 08:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:25 PM – 09:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:52 PM – 11:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:19 PM – 12:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:46 AM – 02:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:13 AM – 03:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:40 AM – 05:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle