VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगहरिद्वार › 2026-07-17

हरिद्वार पंचांग — 17 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, मघा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 06:28 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमघा · पाद 2तक 06:35 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 10:46 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 06:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय08:32 AM
चन्द्रास्त09:30 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:51 AM – 04:39 AM
अमृत काल03:44 PM – 05:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:39 AM – 12:23 PM
गुलिक काल07:11 AM – 08:55 AM
यमगण्ड03:51 PM – 05:35 PM
वर्ज्यम्06:36 AM – 08:07 AM
दुर्मुहूर्त10:59 AM – 11:55 AM
दुर्मुहूर्त02:41 PM – 03:37 PM

दिन चौघड़िया

चर05:27 AM – 07:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:11 AM – 08:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 AM – 10:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:39 AM – 12:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:23 PM – 02:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:07 PM – 03:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:51 PM – 05:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:35 PM – 07:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:19 PM – 08:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:35 PM – 09:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:51 PM – 11:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:07 PM – 12:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:23 AM – 01:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:39 AM – 02:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:55 AM – 04:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:11 AM – 05:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle