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VedicSpaceपंचांगहरिद्वार › 2026-08-05

हरिद्वार पंचांग — 5 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:39 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 08:42 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 09:18 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशूलतक 05:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:27 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:39 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चन्द्रोदय10:57 PM
चन्द्रास्त11:50 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:03 AM – 04:51 AM
अमृत काल01:57 PM – 03:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:23 PM – 02:04 PM
गुलिक काल10:42 AM – 12:23 PM
यमगण्ड07:20 AM – 09:01 AM
वर्ज्यम्05:04 PM – 06:37 PM
अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:50 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:14 AM – 10:08 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:39 AM – 07:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:20 AM – 09:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:01 AM – 10:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:42 AM – 12:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:23 PM – 02:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:04 PM – 03:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:45 PM – 05:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:26 PM – 07:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:08 PM – 08:26 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:26 PM – 09:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:45 PM – 11:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:04 PM – 12:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:23 AM – 01:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:42 AM – 03:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:01 AM – 04:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:20 AM – 05:39 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle