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VedicSpaceपंचांगहरिद्वार › 2026-09-08

हरिद्वार पंचांग — 8 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 02:43 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 04:39 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगपरिघतक 12:40 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 02:43 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:58 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चन्द्रोदय02:43 AM
चन्द्रास्त04:44 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:49 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:22 AM – 05:10 AM
अमृत काल10:38 AM – 12:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:23 PM – 04:57 PM
गुलिक काल12:15 PM – 01:49 PM
यमगण्ड09:06 AM – 10:40 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:59 AM – 11:49 AM
दुर्मुहूर्त02:20 PM – 03:10 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:58 AM – 07:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:32 AM – 09:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:06 AM – 10:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:40 AM – 12:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:15 PM – 01:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:49 PM – 03:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:23 PM – 04:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:57 PM – 06:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:32 PM – 07:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:57 PM – 09:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:23 PM – 10:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:49 PM – 12:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:15 AM – 01:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:40 AM – 03:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:06 AM – 04:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:32 AM – 05:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle