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VedicSpaceपंचांगहरिद्वार › 2026-11-13

हरिद्वार पंचांग — 13 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, मूल नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 08:43 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 05:17 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 05:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 07:24 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:40 AM
सूर्यास्त05:23 PM
चन्द्रोदय10:21 AM
चन्द्रास्त08:14 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM – 05:52 AM
अमृत काल10:44 AM – 12:33 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:41 AM – 12:01 PM
गुलिक काल08:00 AM – 09:20 AM
यमगण्ड02:42 PM – 04:02 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:57 AM – 11:40 AM
दुर्मुहूर्त01:48 PM – 02:31 PM

दिन चौघड़िया

चर06:40 AM – 08:00 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:00 AM – 09:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:20 AM – 10:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:41 AM – 12:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:01 PM – 01:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:21 PM – 02:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:42 PM – 04:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:02 PM – 05:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:23 PM – 07:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:02 PM – 08:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:42 PM – 10:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:21 PM – 12:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:01 AM – 01:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:41 AM – 03:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:20 AM – 05:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:00 AM – 06:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle