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VedicSpaceपंचांगहरिद्वार › 2027-02-21

हरिद्वार पंचांग — 21 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, मघा नक्षत्र · रविवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 02:03 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 01:51 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 11:27 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:26 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:52 AM
सूर्यास्त06:11 PM
चन्द्रोदय06:49 PM
चन्द्रास्त06:50 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:16 AM – 06:04 AM
अमृत काल12:32 PM – 01:59 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:46 PM – 06:11 PM
गुलिक काल03:21 PM – 04:46 PM
यमगण्ड12:31 PM – 01:56 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:40 PM – 05:25 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:52 AM – 08:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:16 AM – 09:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:41 AM – 11:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:06 AM – 12:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:31 PM – 01:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:56 PM – 03:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:21 PM – 04:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:46 PM – 06:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:11 PM – 07:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:46 PM – 09:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:21 PM – 10:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:56 PM – 12:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:31 AM – 02:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:06 AM – 03:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:41 AM – 05:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:16 AM – 06:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle