VedicSpace › पंचांग › हरिद्वार › 2027-07-03
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शनिवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 12:06 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मृगशिरा · पाद 3 | तक 02:55 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | वृद्धि | तक 07:25 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | शकुनि | तक 12:06 PM | स्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित। |
| सूर्योदय | 05:20 AM |
| सूर्यास्त | 07:23 PM |
| चन्द्रोदय | 04:05 AM |
| चन्द्रास्त | 06:49 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 AM – 12:49 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:44 AM – 04:32 AM |
| अमृत काल | 06:25 AM – 07:50 AM |
| राहु काल | 08:50 AM – 10:36 AM |
| गुलिक काल | 05:20 AM – 07:05 AM |
| यमगण्ड | 02:06 PM – 03:52 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:04 AM – 10:01 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:42 PM – 03:38 PM |
| काल | 05:20 AM – 07:05 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:05 AM – 08:50 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:50 AM – 10:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:36 AM – 12:21 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:21 PM – 02:06 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:06 PM – 03:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:52 PM – 05:37 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:37 PM – 07:23 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:23 PM – 08:37 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:37 PM – 09:52 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:52 PM – 11:06 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:06 PM – 12:21 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:21 AM – 01:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:36 AM – 02:50 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:50 AM – 04:05 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:05 AM – 05:20 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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