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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2025-08-09

ह्यूस्टन पंचांग — 9 अगस्त 2025

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 01:40 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 03:22 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 03:45 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:20 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:46 AM
सूर्यास्त08:08 PM
चन्द्रोदय08:44 PM
चन्द्रास्त06:52 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त01:00 PM – 01:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:10 AM – 05:58 AM
अमृत काल05:58 PM – 07:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:06 AM – 11:46 AM
गुलिक काल06:46 AM – 08:26 AM
यमगण्ड03:07 PM – 04:47 PM
वर्ज्यम्08:35 AM – 10:09 AM
दुर्मुहूर्त10:19 AM – 11:13 AM
दुर्मुहूर्त03:40 PM – 04:34 PM

दिन चौघड़िया

काल06:46 AM – 08:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:26 AM – 10:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:06 AM – 11:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:46 AM – 01:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:27 PM – 03:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:07 PM – 04:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:47 PM – 06:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:27 PM – 08:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ08:08 PM – 09:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:27 PM – 10:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:47 PM – 12:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:07 AM – 01:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:27 AM – 02:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:46 AM – 04:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:06 AM – 05:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:26 AM – 06:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle