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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2025-08-24

ह्यूस्टन पंचांग — 24 अगस्त 2025

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · रविवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 02:05 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 3तक 03:35 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 01:36 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त07:53 PM
चन्द्रोदय08:14 AM
चन्द्रास्त08:43 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:57 PM – 01:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:18 AM – 06:06 AM
अमृत काल09:44 AM – 11:25 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:15 PM – 07:53 PM
गुलिक काल04:38 PM – 06:15 PM
यमगण्ड01:23 PM – 03:00 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त06:09 PM – 07:01 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:54 AM – 08:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:31 AM – 10:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:08 AM – 11:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:46 AM – 01:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:23 PM – 03:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:00 PM – 04:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:38 PM – 06:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:15 PM – 07:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:53 PM – 09:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:15 PM – 10:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:38 PM – 12:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:00 AM – 01:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:23 AM – 02:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:46 AM – 04:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:08 AM – 05:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:31 AM – 06:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle