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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2025-10-22

ह्यूस्टन पंचांग — 22 अक्टूबर 2025

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, स्वाती नक्षत्र · बुधवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 09:47 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 03:21 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगप्रीतितक 05:35 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 09:47 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:28 AM
सूर्यास्त06:43 PM
चन्द्रोदय08:35 AM
चन्द्रास्त07:09 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:52 AM – 06:40 AM
अमृत काल06:57 AM – 08:45 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:05 PM – 02:29 PM
गुलिक काल11:41 AM – 01:05 PM
यमगण्ड08:52 AM – 10:16 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:28 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:28 AM – 11:13 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:28 AM – 08:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:52 AM – 10:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:16 AM – 11:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:41 AM – 01:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:05 PM – 02:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:29 PM – 03:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:54 PM – 05:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:18 PM – 06:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:43 PM – 08:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:18 PM – 09:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:54 PM – 11:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:29 PM – 01:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:05 AM – 02:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:41 AM – 04:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:16 AM – 05:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:52 AM – 07:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle