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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-02-21

ह्यूस्टन पंचांग — 21 फ़रवरी 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, रेवती नक्षत्र · शनिवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 11:40 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 4तक 07:37 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुक्लतक 01:38 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 12:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:55 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय09:16 AM
चन्द्रास्त10:45 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:19 AM – 06:07 AM
अमृत काल06:14 AM – 07:46 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:45 AM – 11:10 AM
गुलिक काल06:55 AM – 08:20 AM
यमगण्ड02:00 PM – 03:25 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:56 AM – 10:41 AM
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:13 PM

दिन चौघड़िया

काल06:55 AM – 08:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:20 AM – 09:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:45 AM – 11:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:10 AM – 12:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:35 PM – 02:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:00 PM – 03:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:25 PM – 04:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:50 PM – 06:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:15 PM – 07:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:50 PM – 09:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:25 PM – 11:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:00 PM – 12:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:35 AM – 02:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:10 AM – 03:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:45 AM – 05:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:20 AM – 06:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle