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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-03-17

ह्यूस्टन पंचांग — 17 मार्च 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · मङ्गलवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 09:55 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 07:39 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 07:52 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:29 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:29 AM
सूर्यास्त07:31 PM
चन्द्रोदय06:42 AM
चन्द्रास्त06:19 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त01:05 PM – 01:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:53 AM – 06:41 AM
अमृत काल02:02 PM – 03:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:30 PM – 06:00 PM
गुलिक काल01:30 PM – 03:00 PM
यमगण्ड10:29 AM – 11:59 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:17 PM – 01:05 PM
दुर्मुहूर्त03:30 PM – 04:18 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:29 AM – 08:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:59 AM – 10:29 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:29 AM – 11:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:59 AM – 01:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:30 PM – 03:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:00 PM – 04:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:30 PM – 06:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:00 PM – 07:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:31 PM – 09:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:00 PM – 10:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:30 PM – 12:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:00 AM – 01:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:30 AM – 02:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:59 AM – 04:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:29 AM – 05:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:59 AM – 07:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle