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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-06-21

ह्यूस्टन पंचांग — 21 जून 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · रविवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 05:10 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 2तक 11:52 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्यतीपाततक 12:01 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:55 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:21 AM
सूर्यास्त08:25 PM
चन्द्रोदय01:21 PM
चन्द्रास्त12:50 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM – 05:33 AM
अमृत काल04:44 PM – 06:24 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:39 PM – 08:25 PM
गुलिक काल04:54 PM – 06:39 PM
यमगण्ड01:23 PM – 03:08 PM
वर्ज्यम्06:45 AM – 08:25 AM
दुर्मुहूर्त06:32 PM – 07:28 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:21 AM – 08:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:06 AM – 09:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:52 AM – 11:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:37 AM – 01:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:23 PM – 03:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:08 PM – 04:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:54 PM – 06:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:39 PM – 08:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ08:25 PM – 09:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:39 PM – 10:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:54 PM – 12:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:08 AM – 01:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:23 AM – 02:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:37 AM – 03:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:52 AM – 05:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:06 AM – 06:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle