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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-06-26

ह्यूस्टन पंचांग — 26 जून 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शुक्रवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 11:52 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 08:46 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसाध्यतक 02:02 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 11:52 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त08:26 PM
चन्द्रोदय06:05 PM
चन्द्रास्त03:25 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:56 PM – 01:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM – 05:35 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:39 AM – 01:24 PM
गुलिक काल08:08 AM – 09:53 AM
यमगण्ड04:55 PM – 06:40 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:00 PM – 12:56 PM
दुर्मुहूर्त03:45 PM – 04:41 PM

दिन चौघड़िया

चर06:23 AM – 08:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:08 AM – 09:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:53 AM – 11:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:39 AM – 01:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:24 PM – 03:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:09 PM – 04:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:55 PM – 06:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:40 PM – 08:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:26 PM – 09:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:40 PM – 10:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:55 PM – 12:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:09 AM – 01:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:24 AM – 02:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 AM – 03:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:53 AM – 05:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:08 AM – 06:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle