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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-07-10

ह्यूस्टन पंचांग — 10 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 06:53 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 12:33 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशूलतक 05:20 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 08:23 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त08:25 PM
चन्द्रोदय02:25 AM
चन्द्रास्त04:47 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:58 PM – 01:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:52 AM – 05:40 AM
अमृत काल10:51 PM – 12:18 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:41 AM – 01:26 PM
गुलिक काल08:12 AM – 09:57 AM
यमगण्ड04:55 PM – 06:40 PM
वर्ज्यम्02:08 PM – 03:35 PM
दुर्मुहूर्त12:02 PM – 12:58 PM
दुर्मुहूर्त03:46 PM – 04:41 PM

दिन चौघड़िया

चर06:28 AM – 08:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:12 AM – 09:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:57 AM – 11:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:41 AM – 01:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:26 PM – 03:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:11 PM – 04:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:55 PM – 06:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:40 PM – 08:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:25 PM – 09:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:40 PM – 10:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:55 PM – 12:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:11 AM – 01:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:26 AM – 02:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:41 AM – 03:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:57 AM – 05:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:12 AM – 06:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle