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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-07-25

ह्यूस्टन पंचांग — 25 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 03:28 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 2तक 09:05 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगब्रह्मतक 10:38 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 02:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त08:19 PM
चन्द्रोदय05:49 PM
चन्द्रास्त02:48 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त01:00 PM – 01:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल11:48 AM – 01:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:02 AM – 11:45 AM
गुलिक काल06:37 AM – 08:19 AM
यमगण्ड03:10 PM – 04:53 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:16 AM – 11:11 AM
दुर्मुहूर्त03:45 PM – 04:39 PM

दिन चौघड़िया

काल06:37 AM – 08:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:19 AM – 10:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:02 AM – 11:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:45 AM – 01:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:28 PM – 03:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:10 PM – 04:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:53 PM – 06:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:36 PM – 08:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ08:19 PM – 09:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:36 PM – 10:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:53 PM – 12:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:10 AM – 01:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:28 AM – 02:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:45 AM – 04:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:02 AM – 05:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:19 AM – 06:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle