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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-08-17

ह्यूस्टन पंचांग — 17 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · सोमवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 06:30 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 06:28 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुभतक 04:59 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:30 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त08:00 PM
चन्द्रोदय11:51 AM
चन्द्रास्त10:48 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल12:33 PM – 02:15 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:28 AM – 10:07 AM
गुलिक काल03:03 PM – 04:42 PM
यमगण्ड11:46 AM – 01:25 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:58 PM – 01:51 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:29 PM – 05:22 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:50 AM – 08:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:28 AM – 10:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:07 AM – 11:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:46 AM – 01:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:25 PM – 03:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:03 PM – 04:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:42 PM – 06:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:21 PM – 08:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:00 PM – 09:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:21 PM – 10:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:42 PM – 12:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:03 AM – 01:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:25 AM – 02:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:46 AM – 04:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:07 AM – 05:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:28 AM – 06:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle