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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-08-27

ह्यूस्टन पंचांग — 27 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 11:18 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 3तक 03:45 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगअतिगण्डतक 08:57 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 11:02 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:56 AM
सूर्यास्त07:50 PM
चन्द्रोदय07:44 PM
चन्द्रास्त06:16 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:57 PM – 01:48 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:20 AM – 06:08 AM
अमृत काल05:43 AM – 07:25 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:59 PM – 04:36 PM
गुलिक काल10:09 AM – 11:46 AM
यमगण्ड06:56 AM – 08:32 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:40 PM – 03:32 PM
दुर्मुहूर्त06:06 PM – 06:58 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:56 AM – 08:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:32 AM – 10:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:09 AM – 11:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:46 AM – 01:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:23 PM – 02:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:59 PM – 04:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:36 PM – 06:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:13 PM – 07:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:50 PM – 09:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:13 PM – 10:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:36 PM – 11:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:59 PM – 01:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:23 AM – 02:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:46 AM – 04:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:09 AM – 05:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:32 AM – 06:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle