VedicSpace › पंचांग › ह्यूस्टन › 2026-10-05
कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · सोमवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष दशमी | तक 03:38 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | पुष्य · पाद 3 | तक 12:39 PM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | सिद्ध | तक 08:50 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 03:38 PM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 07:17 AM |
| सूर्यास्त | 07:02 PM |
| चन्द्रोदय | 02:10 AM |
| चन्द्रास्त | 04:05 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:41 AM – 06:29 AM |
| अमृत काल | 07:48 AM – 09:20 AM |
| राहु काल | 08:45 AM – 10:13 AM |
| गुलिक काल | 02:37 PM – 04:05 PM |
| यमगण्ड | 11:41 AM – 01:09 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:46 PM – 01:33 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:54 PM – 04:41 PM |
| अमृत | 07:17 AM – 08:45 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:45 AM – 10:13 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:13 AM – 11:41 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:41 AM – 01:09 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:09 PM – 02:37 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:37 PM – 04:05 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:05 PM – 05:33 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:33 PM – 07:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 07:02 PM – 08:33 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:33 PM – 10:05 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:05 PM – 11:37 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:37 PM – 01:09 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:09 AM – 02:41 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:41 AM – 04:13 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:13 AM – 05:45 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:45 AM – 07:17 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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