VedicSpace › पंचांग › ह्यूस्टन › 2026-10-15
शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष पञ्चमी | तक 04:55 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा · पाद 2 | तक 08:17 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सौभाग्य | तक 10:45 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 04:55 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:23 AM |
| सूर्यास्त | 06:51 PM |
| चन्द्रोदय | 12:16 PM |
| चन्द्रास्त | 10:05 PM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:44 PM – 01:29 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:47 AM – 06:35 AM |
| अमृत काल | 11:50 AM – 01:38 PM |
| राहु काल | 02:33 PM – 03:59 PM |
| गुलिक काल | 10:15 AM – 11:41 AM |
| यमगण्ड | 07:23 AM – 08:49 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 02:15 PM – 03:01 PM |
| दुर्मुहूर्त | 05:19 PM – 06:05 PM |
| शुभ | 07:23 AM – 08:49 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:49 AM – 10:15 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:15 AM – 11:41 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:41 AM – 01:07 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:07 PM – 02:33 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:33 PM – 03:59 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:59 PM – 05:25 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:25 PM – 06:51 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:51 PM – 08:25 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:25 PM – 09:59 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:59 PM – 11:33 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:33 PM – 01:07 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:07 AM – 02:41 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:41 AM – 04:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:15 AM – 05:49 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:49 AM – 07:23 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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