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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-10-19

ह्यूस्टन पंचांग — 19 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · सोमवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 02:20 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रश्रवण · पाद 1तक 07:32 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगधृतितक 02:05 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:25 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:26 AM
सूर्यास्त06:47 PM
चन्द्रोदय03:08 PM
चन्द्रास्त12:52 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:50 AM – 06:38 AM
अमृत काल09:32 PM – 11:17 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:51 AM – 10:16 AM
गुलिक काल02:31 PM – 03:56 PM
यमगण्ड11:41 AM – 01:06 PM
वर्ज्यम्10:59 AM – 12:44 PM
अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:45 PM – 04:30 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:26 AM – 08:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:51 AM – 10:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:16 AM – 11:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:41 AM – 01:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:06 PM – 02:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:31 PM – 03:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:56 PM – 05:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:21 PM – 06:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:47 PM – 08:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:21 PM – 09:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:56 PM – 11:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:31 PM – 01:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:06 AM – 02:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:41 AM – 04:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:16 AM – 05:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:51 AM – 07:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle