VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-10-28

ह्यूस्टन पंचांग — 28 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र · बुधवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 02:37 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 12:41 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवरीयान्तक 05:10 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 02:37 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:32 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय08:41 PM
चन्द्रास्त10:20 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:56 AM – 06:44 AM
अमृत काल11:19 PM – 12:46 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:05 PM – 02:28 PM
गुलिक काल11:41 AM – 01:05 PM
यमगण्ड08:55 AM – 10:18 AM
वर्ज्यम्06:58 PM – 08:25 PM
अभिजित मुहूर्त12:42 PM – 01:27 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:29 AM – 11:14 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:32 AM – 08:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 AM – 10:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:18 AM – 11:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:41 AM – 01:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:05 PM – 02:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:28 PM – 03:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:51 PM – 05:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:14 PM – 06:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:38 PM – 08:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:14 PM – 09:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:51 PM – 11:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:28 PM – 01:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:05 AM – 02:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:41 AM – 04:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:18 AM – 05:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:55 AM – 07:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle