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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-12-25

ह्यूस्टन पंचांग — 25 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शुक्रवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 11:56 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 3तक 11:20 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगइन्द्रतक 04:46 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 11:56 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:29 PM
चन्द्रोदय07:39 PM
चन्द्रास्त08:50 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:42 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:38 AM – 06:26 AM
अमृत काल10:27 AM – 11:52 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:04 AM – 12:21 PM
गुलिक काल08:30 AM – 09:47 AM
यमगण्ड02:55 PM – 04:12 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:20 AM – 12:01 PM
दुर्मुहूर्त02:04 PM – 02:45 PM

दिन चौघड़िया

चर07:14 AM – 08:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:30 AM – 09:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:47 AM – 11:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:04 AM – 12:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:21 PM – 01:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:38 PM – 02:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:55 PM – 04:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:12 PM – 05:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:29 PM – 07:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:12 PM – 08:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:55 PM – 10:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:38 PM – 12:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:21 AM – 02:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:04 AM – 03:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:47 AM – 05:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:30 AM – 07:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle