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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-02-14

ह्यूस्टन पंचांग — 14 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 01:11 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 05:16 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगइन्द्रतक 01:03 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:02 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय11:36 AM
चन्द्रास्त01:04 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 12:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM – 06:14 AM
अमृत काल04:00 PM – 05:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:46 PM – 06:10 PM
गुलिक काल03:23 PM – 04:46 PM
यमगण्ड12:36 PM – 01:59 PM
वर्ज्यम्06:48 AM – 08:20 AM
दुर्मुहूर्त04:40 PM – 05:25 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:02 AM – 08:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:25 AM – 09:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:49 AM – 11:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:12 AM – 12:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:36 PM – 01:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:59 PM – 03:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:23 PM – 04:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:46 PM – 06:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:10 PM – 07:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:46 PM – 09:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:23 PM – 10:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:59 PM – 12:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:36 AM – 02:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:12 AM – 03:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:49 AM – 05:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:25 AM – 07:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle