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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-03-10

ह्यूस्टन पंचांग — 10 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, रेवती नक्षत्र · बुधवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 04:07 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररेवती · पाद 2तक 11:50 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुक्लतक 01:20 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 04:18 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय07:41 AM
चन्द्रास्त08:50 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल10:00 PM – 11:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:32 PM – 02:00 PM
गुलिक काल11:03 AM – 12:32 PM
यमगण्ड08:05 AM – 09:34 AM
वर्ज्यम्12:15 PM – 01:52 PM
अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:55 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:46 AM – 10:33 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:37 AM – 08:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:05 AM – 09:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:34 AM – 11:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:03 AM – 12:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:32 PM – 02:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:00 PM – 03:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:29 PM – 04:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:58 PM – 06:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:27 PM – 07:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:58 PM – 09:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:29 PM – 11:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:00 PM – 12:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:32 AM – 02:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:03 AM – 03:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:34 AM – 05:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:05 AM – 06:37 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle