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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-04-13

ह्यूस्टन पंचांग — 13 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · मङ्गलवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 06:59 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 12:22 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसुकर्मातक 12:40 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 06:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त07:47 PM
चन्द्रोदय12:31 PM
चन्द्रास्त01:58 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:56 PM – 01:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:21 AM – 06:09 AM
अमृत काल11:03 PM – 12:34 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:34 PM – 06:10 PM
गुलिक काल01:22 PM – 02:58 PM
यमगण्ड10:09 AM – 11:45 AM
वर्ज्यम्01:59 PM – 03:30 PM
दुर्मुहूर्त12:05 PM – 12:56 PM
दुर्मुहूर्त03:30 PM – 04:21 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:57 AM – 08:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:33 AM – 10:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:09 AM – 11:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:45 AM – 01:22 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:22 PM – 02:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:58 PM – 04:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:34 PM – 06:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:10 PM – 07:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:47 PM – 09:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:10 PM – 10:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:34 PM – 11:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:58 PM – 01:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:22 AM – 02:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:45 AM – 04:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:09 AM – 05:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:33 AM – 06:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle