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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-04-24

ह्यूस्टन पंचांग — 24 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 07:12 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 2तक 10:27 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 03:41 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 06:27 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:45 AM
सूर्यास्त07:54 PM
चन्द्रोदय12:01 AM
चन्द्रास्त09:02 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:53 PM – 01:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:09 AM – 05:57 AM
अमृत काल01:38 PM – 03:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:02 AM – 11:40 AM
गुलिक काल06:45 AM – 08:23 AM
यमगण्ड02:58 PM – 04:36 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:15 AM – 11:08 AM
दुर्मुहूर्त03:31 PM – 04:23 PM

दिन चौघड़िया

काल06:45 AM – 08:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:23 AM – 10:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:02 AM – 11:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:40 AM – 01:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:19 PM – 02:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:58 PM – 04:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:36 PM – 06:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:15 PM – 07:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:54 PM – 09:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:15 PM – 10:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:36 PM – 11:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:58 PM – 01:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:19 AM – 02:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:40 AM – 04:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:02 AM – 05:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:23 AM – 06:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle