VedicSpace › पंचांग › ह्यूस्टन › 2027-05-06
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, भरणी नक्षत्र · गुरुवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा | तक 03:44 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | भरणी · पाद 3 | तक 02:48 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सौभाग्य | तक 10:27 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | किंस्तुघ्न | तक 04:54 PM | स्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक। |
| सूर्योदय | 06:35 AM |
| सूर्यास्त | 08:02 PM |
| चन्द्रोदय | 06:26 AM |
| चन्द्रास्त | 08:38 PM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:51 PM – 01:45 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:59 AM – 05:47 AM |
| अमृत काल | 10:51 AM – 12:22 PM |
| राहु काल | 02:59 PM – 04:40 PM |
| गुलिक काल | 09:56 AM – 11:37 AM |
| यमगण्ड | 06:35 AM – 08:15 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 02:39 PM – 03:33 PM |
| दुर्मुहूर्त | 06:14 PM – 07:08 PM |
| शुभ | 06:35 AM – 08:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:15 AM – 09:56 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:56 AM – 11:37 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:37 AM – 01:18 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:18 PM – 02:59 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:59 PM – 04:40 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:40 PM – 06:21 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:21 PM – 08:02 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 08:02 PM – 09:21 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:21 PM – 10:40 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:40 PM – 11:59 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:59 PM – 01:18 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:18 AM – 02:37 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:37 AM – 03:56 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:56 AM – 05:15 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:15 AM – 06:35 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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