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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-05-11

ह्यूस्टन पंचांग — 11 मई 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र · मङ्गलवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 02:54 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 04:26 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशूलतक 06:30 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 02:54 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:31 AM
सूर्यास्त08:05 PM
चन्द्रोदय11:32 AM
चन्द्रास्त12:44 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:50 PM – 01:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:55 AM – 05:43 AM
अमृत काल10:57 PM – 12:27 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:41 PM – 06:23 PM
गुलिक काल01:18 PM – 02:59 PM
यमगण्ड09:54 AM – 11:36 AM
वर्ज्यम्01:57 PM – 03:27 PM
दुर्मुहूर्त11:56 AM – 12:50 PM
दुर्मुहूर्त03:33 PM – 04:27 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:31 AM – 08:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:12 AM – 09:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:54 AM – 11:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:36 AM – 01:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:18 PM – 02:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:59 PM – 04:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 PM – 06:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:23 PM – 08:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:05 PM – 09:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:23 PM – 10:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:41 PM – 11:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:59 PM – 01:18 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:18 AM – 02:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:36 AM – 03:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:54 AM – 05:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:12 AM – 06:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle