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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-08-06

ह्यूस्टन पंचांग — 6 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 01:53 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रहस्त · पाद 2तक 07:55 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धतक 02:21 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:53 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:44 AM
सूर्यास्त08:11 PM
चन्द्रोदय11:27 AM
चन्द्रास्त10:50 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त01:00 PM – 01:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:08 AM – 05:56 AM
अमृत काल02:54 PM – 04:26 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:46 AM – 01:27 PM
गुलिक काल08:24 AM – 10:05 AM
यमगण्ड04:49 PM – 06:30 PM
वर्ज्यम्06:05 AM – 07:37 AM
दुर्मुहूर्त12:06 PM – 01:00 PM
दुर्मुहूर्त03:42 PM – 04:35 PM

दिन चौघड़िया

चर06:44 AM – 08:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:24 AM – 10:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:05 AM – 11:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:46 AM – 01:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:27 PM – 03:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:08 PM – 04:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:49 PM – 06:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:30 PM – 08:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:11 PM – 09:30 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:30 PM – 10:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:49 PM – 12:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:08 AM – 01:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:27 AM – 02:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:46 AM – 04:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:05 AM – 05:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:24 AM – 06:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle