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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-09-04

ह्यूस्टन पंचांग — 4 सितम्बर 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · शनिवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 12:47 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 04:00 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगब्रह्मतक 07:36 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त07:40 PM
चन्द्रोदय11:18 AM
चन्द्रास्त09:59 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल08:18 PM – 09:53 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:10 AM – 11:45 AM
गुलिक काल07:00 AM – 08:35 AM
यमगण्ड02:55 PM – 04:30 PM
वर्ज्यम्10:49 AM – 12:24 PM
दुर्मुहूर्त10:22 AM – 11:13 AM
दुर्मुहूर्त03:26 PM – 04:17 PM

दिन चौघड़िया

काल07:00 AM – 08:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:35 AM – 10:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:10 AM – 11:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:45 AM – 01:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:20 PM – 02:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:55 PM – 04:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:30 PM – 06:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:05 PM – 07:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:40 PM – 09:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:05 PM – 10:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:30 PM – 11:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:55 PM – 01:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:20 AM – 02:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:45 AM – 04:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:10 AM – 05:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:35 AM – 07:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle