VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-09-19

ह्यूस्टन पंचांग — 19 सितम्बर 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 08:39 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 4तक 07:11 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्याघाततक 08:44 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 08:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:08 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चन्द्रोदय09:25 PM
चन्द्रास्त10:31 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:50 PM – 01:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:32 AM – 06:20 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:50 PM – 07:22 PM
गुलिक काल04:18 PM – 05:50 PM
यमगण्ड01:15 PM – 02:46 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:44 PM – 06:33 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:08 AM – 08:39 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:39 AM – 10:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:11 AM – 11:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:43 AM – 01:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:15 PM – 02:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:46 PM – 04:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:18 PM – 05:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:50 PM – 07:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:22 PM – 08:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:50 PM – 10:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:18 PM – 11:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:46 PM – 01:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:15 AM – 02:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:43 AM – 04:11 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:11 AM – 05:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:39 AM – 07:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle