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VedicSpaceपंचांगहैदराबाद › 2026-12-12

हैदराबाद पंचांग — 12 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · तेलंगाना (17.385°, 78.4867°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हैदराबाद (17.385°, 78.4867°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 02:06 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 06:12 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवृद्धितक 11:17 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:06 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:36 AM
सूर्यास्त05:43 PM
चन्द्रोदय09:13 AM
चन्द्रास्त08:25 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:00 AM – 05:48 AM
अमृत काल11:34 PM – 01:22 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:22 AM – 10:46 AM
गुलिक काल06:36 AM – 07:59 AM
यमगण्ड01:32 PM – 02:56 PM
वर्ज्यम्12:43 PM – 02:31 PM
दुर्मुहूर्त09:33 AM – 10:18 AM
दुर्मुहूर्त02:00 PM – 02:45 PM

दिन चौघड़िया

काल06:36 AM – 07:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:59 AM – 09:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:22 AM – 10:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:46 AM – 12:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:09 PM – 01:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:32 PM – 02:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:56 PM – 04:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:19 PM – 05:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:43 PM – 07:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:19 PM – 08:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:56 PM – 10:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:32 PM – 12:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:09 AM – 01:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:46 AM – 03:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:22 AM – 04:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:59 AM – 06:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle