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VedicSpaceपंचांगइंदौर › 2026-08-20

इंदौर पंचांग — 20 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · मध्य प्रदेश (22.7196°, 75.8577°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना इंदौर (22.7196°, 75.8577°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 09:18 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 09:08 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगइन्द्रतक 04:25 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:16 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:05 AM
सूर्यास्त06:55 PM
चन्द्रोदय01:06 PM
चन्द्रास्त11:45 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:29 AM – 05:17 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:06 PM – 03:42 PM
गुलिक काल09:17 AM – 10:53 AM
यमगण्ड06:05 AM – 07:41 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:47 PM – 02:38 PM
दुर्मुहूर्त05:12 PM – 06:03 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:05 AM – 07:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:41 AM – 09:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:17 AM – 10:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:53 AM – 12:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:30 PM – 02:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:06 PM – 03:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:42 PM – 05:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:18 PM – 06:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:55 PM – 08:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:18 PM – 09:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:42 PM – 11:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:06 PM – 12:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:30 AM – 01:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:53 AM – 03:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:17 AM – 04:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:41 AM – 06:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle