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VedicSpaceपंचांगइंदौर › 2026-09-13

इंदौर पंचांग — 13 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, हस्त नक्षत्र · रविवार · मध्य प्रदेश (22.7196°, 75.8577°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना इंदौर (22.7196°, 75.8577°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 07:08 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रहस्त · पाद 3तक 01:07 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशुक्लतक 01:43 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चन्द्रोदय08:07 AM
चन्द्रास्त07:43 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल07:13 AM – 08:50 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:59 PM – 06:32 PM
गुलिक काल03:27 PM – 04:59 PM
यमगण्ड12:22 PM – 01:54 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:53 PM – 05:42 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:12 AM – 07:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:44 AM – 09:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:17 AM – 10:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:49 AM – 12:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:22 PM – 01:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:54 PM – 03:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:27 PM – 04:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:59 PM – 06:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:32 PM – 07:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:59 PM – 09:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:27 PM – 10:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:54 PM – 12:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:22 AM – 01:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:49 AM – 03:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:17 AM – 04:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:44 AM – 06:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle