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VedicSpaceपंचांगइंदौर › 2027-05-02

इंदौर पंचांग — 2 मई 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · मध्य प्रदेश (22.7196°, 75.8577°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना इंदौर (22.7196°, 75.8577°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 07:52 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 1तक 02:40 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 06:29 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:53 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय03:00 AM
चन्द्रास्त03:05 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:17 AM – 05:05 AM
अमृत काल06:06 PM – 07:48 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:16 PM – 06:54 PM
गुलिक काल03:38 PM – 05:16 PM
यमगण्ड12:23 PM – 02:01 PM
वर्ज्यम्07:58 AM – 09:40 AM
दुर्मुहूर्त05:09 PM – 06:01 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:53 AM – 07:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:30 AM – 09:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:08 AM – 10:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:45 AM – 12:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:23 PM – 02:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:01 PM – 03:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:38 PM – 05:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:16 PM – 06:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:54 PM – 08:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:16 PM – 09:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:38 PM – 11:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:01 PM – 12:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:23 AM – 01:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:45 AM – 03:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:08 AM – 04:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:30 AM – 05:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle