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VedicSpaceपंचांगजयपुर › 2025-12-22

जयपुर पंचांग — 22 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · राजस्थान (26.9124°, 75.7873°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जयपुर (26.9124°, 75.7873°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 10:52 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 05:32 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगध्रुवतक 04:40 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 10:52 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:12 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय09:08 AM
चन्द्रास्त07:33 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल11:49 PM – 01:33 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:30 AM – 09:48 AM
गुलिक काल01:43 PM – 03:02 PM
यमगण्ड11:07 AM – 12:25 PM
वर्ज्यम्01:27 PM – 03:11 PM
अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:46 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:51 PM – 03:33 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:12 AM – 08:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:30 AM – 09:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:48 AM – 11:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:07 AM – 12:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:25 PM – 01:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:43 PM – 03:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:02 PM – 04:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:20 PM – 05:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:39 PM – 07:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:20 PM – 09:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:02 PM – 10:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:43 PM – 12:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:25 AM – 02:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:07 AM – 03:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:48 AM – 05:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:30 AM – 07:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle