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VedicSpaceपंचांगजयपुर › 2026-06-08

जयपुर पंचांग — 8 जून 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · सोमवार · राजस्थान (26.9124°, 75.7873°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जयपुर (26.9124°, 75.7873°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 03:24 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 4तक 09:10 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगविष्कुम्भतक 09:28 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:32 AM
सूर्यास्त07:20 PM
चन्द्रोदय12:25 AM
चन्द्रास्त12:13 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:56 AM – 04:44 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:15 AM – 08:59 AM
गुलिक काल02:09 PM – 03:53 PM
यमगण्ड10:42 AM – 12:26 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:53 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:39 PM – 04:34 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:32 AM – 07:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:15 AM – 08:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:59 AM – 10:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:42 AM – 12:26 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:26 PM – 02:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:09 PM – 03:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:53 PM – 05:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:36 PM – 07:20 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:20 PM – 08:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:36 PM – 09:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:53 PM – 11:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:09 PM – 12:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:26 AM – 01:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:42 AM – 02:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:59 AM – 04:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:15 AM – 05:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle