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VedicSpaceपंचांगजयपुर › 2026-08-30

जयपुर पंचांग — 30 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · राजस्थान (26.9124°, 75.7873°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जयपुर (26.9124°, 75.7873°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 09:37 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 03:45 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशूलतक 03:46 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 09:37 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:05 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय08:04 PM
चन्द्रास्त07:49 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:29 AM – 05:17 AM
अमृत काल11:01 PM – 12:37 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:14 PM – 06:50 PM
गुलिक काल03:38 PM – 05:14 PM
यमगण्ड12:27 PM – 02:03 PM
वर्ज्यम्01:25 PM – 03:01 PM
दुर्मुहूर्त05:08 PM – 05:59 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:05 AM – 07:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:40 AM – 09:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:16 AM – 10:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:51 AM – 12:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:27 PM – 02:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:03 PM – 03:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:38 PM – 05:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:14 PM – 06:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:50 PM – 08:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:14 PM – 09:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:38 PM – 11:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:03 PM – 12:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:27 AM – 01:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:51 AM – 03:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:16 AM – 04:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:40 AM – 06:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle