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VedicSpaceपंचांगजयपुर › 2026-09-29

जयपुर पंचांग — 29 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · राजस्थान (26.9124°, 75.7873°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जयपुर (26.9124°, 75.7873°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 05:10 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 4तक 09:03 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्याघाततक 06:13 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 06:14 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:18 AM
सूर्यास्त06:16 PM
चन्द्रोदय07:53 PM
चन्द्रास्त08:43 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:53 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:42 AM – 05:30 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:16 PM – 04:46 PM
गुलिक काल12:17 PM – 01:46 PM
यमगण्ड09:17 AM – 10:47 AM
वर्ज्यम्05:35 AM – 07:05 AM
दुर्मुहूर्त11:05 AM – 11:53 AM
दुर्मुहूर्त02:16 PM – 03:04 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:18 AM – 07:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:47 AM – 09:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:17 AM – 10:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:47 AM – 12:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:17 PM – 01:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:46 PM – 03:16 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:16 PM – 04:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:46 PM – 06:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:16 PM – 07:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:46 PM – 09:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:16 PM – 10:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:46 PM – 12:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:17 AM – 01:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:47 AM – 03:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:17 AM – 04:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:47 AM – 06:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle